(शेखर घोष) बिहार के जाने-माने दलित नेता रामविलास पासवान के निधन बाद न केवल उनकी लोकजन शक्ति पार्टी बल्कि बिहार में एनडीए का हिस्सा हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने उनके आवास 12जनपथ को स्मारक और रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग पूरी होने करने में नियम बाधा बने हैं। वहीं मांझी का कहना था कि पासवान जीवन भर दलित व पिछड़ों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते रहे। ऐसे में केन्द्र सरकार उनके आवास को स्मारक बना कर सच्ची श्रद्धांजली दे।
हालांकि केन्द्र सरकार ने मांझी के मांग को यह कहकर खारिज कर दिया है कि नए नियमों के तहत लुटियन जोन के क्षेत्र में स्मारक नहीं बन सकता है। यही वजह है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के आवास 6ए कृष्णा मेनन मार्ग वाले बंगले को अटल स्मारक नहीं बनाया जा सका। बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवारों के खिलाफ लोजपा प्रत्याशी उतारने जा रही।
संभव है कि लोजपा हम प्रत्याशियों के खिलाफ भी उम्मीदवार उतारे। ऐसे में जीतन राम मांझी की ओर से पासवान को ‘भारत रत्न’ देने की मांग के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। यह माना जा रहा है कि इस मांग के सहारे मांझी दलित वोटों को साधने का काम कर रहे हैं जो कि खुद वो महादलित वर्ग से आते हैं।
नियम के वजह से नहीं बन पाई थी अटल की समाधी
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी के आवास 6ए कृष्णा मेनन मार्ग वाला बंगला लुटियन जोन में स्मारक नहीं बनने के नियम के कारण अटल स्मारक नहीं बनने के कारण मध्यप्रदेश को निराश होना पड़ा था। पूर्व प्रधानमंत्री के आवास को अटल स्मारक बनाने की मांग को लेकर ग्वालियर के विधायक, सांसद से लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ने खुद केन्द्र सरकार से मांग की थी। बता दें कि मोदी सरकार ने खुद लुटियन जोन में बग्ंले को स्मारक में बदलने के नियम को गलत बताते हुए इस नियम में ही बदलाव किया था कि लूटियन बंगले में अब स्मारक नहीं बन सकेगा।
- यह नियम है कि लुटियन जोन के अंदर मजार या स्मारक नहीं बनाए जा सकते।
- वेद प्रकाश, ज्वाइंट सेक्रेटरी, शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार
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