केंद्रीय मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 लागू होने के बाद भी शहरवासी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए तैयार नहीं हैं। फरीदाबाद पुलिस पांच साल में जुर्माने के तौर पर 23.30 करोड़ रुपए वसूल चुकी है। फिर भी लोग नहीं सुधर रहे। यही नहीं तीन साल से लोगों के पास पोस्टल चालान भी पहुंच रहा है। पोस्टल चालान के जरिए तीन साल में पुलिस 35 लाख रुपए वसूल चुकी है फिर भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में कोई कमी नहीं आ रही है। खास बात यह है कि चौक चौराहों पर खड़े होने वाले होमगार्डों को किसी भी प्रकार का जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं है। वह सिर्फ ट्रैफिक संचालन में पुलिसकर्मियों की मदद भर कर सकते हैं। यदि कोई होमगार्ड जबरन किसी का चालान करता है अथवा किसी के गाड़ी की जबरन चाभी निकालता है तो उसकी शिकायत जिला कमांडेंट होमगार्ड अथवा पुलिस के उच्चाधिकारी से की जा सकती है। इस बात का खुलासा एक आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। केंद्र सरकार ने सितंबर 2019 में नए मोटर वाहन अधिनियम जारी कर दिया था लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी आज तक हरियाणा सरकार, प्रदेश में इन्हें लागू करने के बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। बावजूद फरीदाबाद पुलिस ने अपने से ही नए अधिनियम के अनुसार लोगों के चालान काटने शुरू कर दिए हैं। यानी फरीदाबाद पुलिस नए संशोधन एक्ट के तहत ही लोगों से जुर्माना वसूलने में जुटी है। आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के प्रधान अजय कुमार बहल की ओर से पुलिस विभाग से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना के अनुसार पिछले पांच साल में फरीदाबाद पुलिस शहरवासियों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 23.30 करोड़ रुपए बतौर जुर्माना वसूल चुकी है। यही नहीं पोस्टल चालान के जरिए पुलिस 35 लाख रुपए जुर्माना वसूल चुकी है। फिर भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। विभाग की मानें तो रोज 1000 से 1200 वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े जा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस को भी नहीं है चालान करने का अधिकार
ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान किए जाने के मामले में फरीदाबाद पुलिस के जनसूचना अधिकारी ने हरियाणा परिवहन विभाग की वर्ष 2003 की एक अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस को चालान का अधिकार है। लेकिन सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष 2003 की इस अधिसूचना को हरियाणा सरकार द्वारा साल 2010 में बदल दिया गया था और हरियाणा में पुलिस से यातायात नियमों के उल्लंघन के बारे में चालान करने के अधिकार वापस ले लिए थे। यही नहीं फरीदाबाद पुलिस के जनसूचना अधिकारी ने बढ़ी हुई जुर्माना राशि के संबंध में परिवहन विभाग की ओर से अपनी वेबसाइट पर दी गई जुर्माना राशि न दर्शा कर अपने से ही इसकी दरें निर्धारित कर ली हैं और लोगों से इन्हें वसूलना भी शुरू कर दिया है। जबकि हरियाणा सरकार ने अभी तक नई मोटर वाहन नीति की नोटिफिकेशन लागू नहीं किया है। उधर डीसीपी ट्रैफिक सुरेश कुमार का कहना है कि चालान करने का अधिकार पुलिस को ही है। लेकिन सरकार के 2010 के नोटिफिकेशन के बारे में जानकारी नहीं है। इसका अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
पांच साल में वसूली गई जुर्माना राशि

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