साउथ सिटी में बिजली का जला हुआ मीटर बदलने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। मीटर 10 साल पहले बदला गया था। धोखाधड़ी का खुलासा उस समय हुआ जब वर्ष 2016 में बिजली निगम ने उपभोक्ता को बकाया राशि देने का नोटिस भेजा।
मामले को जांच में सही पाए जाने पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के अधिकारियों ने सेक्टर-40 थाना पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साउथ सिटी-1 निवासी कैप्टन (रिटायर्ड) प्रवीन महारन के घर लगा बिजली मीटर जून 2010 में जल गया था। बिजली निगम को इसकी सूचना देकर नया मीटर लगाने का आवेदन किया।
नया मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो अधिकारियों ने पाया कि प्रवीन पर 1.91 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है। लाइनमैन पवन कुमार ने यह बिल भरने के बाद ही नया मीटर लगाने की बात कही। आरोप है कि पवन कुमार ने 24 घंटे में मीटर लगाने के नाम पर 50 हजार रुपए मांगे। रुपए देने के बाद यह मीटर लग गया।
नवंबर 2010 में बिजली निगम ने प्रवीन महारन को 1.93 लाख रुपए का बिल भेज दिया। बिल की शिकायत लेकर प्रवीन लाइनमैन पवन कुमार के पास पहुंचे। पवन ने बिल सेटलमेंट के नाम पर 60 हजार रुपए का चेक व सीए अजीत ने 35 हजार रुपए नकद ले लिए।
प्रवीन ने आरोप लगाया कि 15 नवंबर 2016 को उन्हें बिजली निगम से 1.93 लाख रुपए बकाया राशि भुगतान करने का नोटिस मिला। इस बारे में प्रवीन ने बिजली निगम अधिकारियों से पूछा तो पता लगा कि उनके द्वारा दी गई राशि से बिल भुगतान नहीं किया गया। बल्कि जगराम नामक व्यक्ति का 1.93 लाख रुपए का चेक भुगतान दिखाकर चेक बाउंस करवाया गया है।
मामला उजागर होने पर अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। जांच में दौरान पाया कि लाइनमैन पवन कुमार, सीए अजीत कुमार समेत तत्कालीन जेई हरजिंद्र सिं ह ने यह गड़बड़ी की है। जेई हरजिंद्र सिंह ने बिना जांच किए ही नया मीटर कनेक्शन जारी कर दिया। इस पर अधिकारियों ने सेक्टर-40 थाना पुलिस को शिकायत देकर तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की।
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