दिल्ली सरकार से दिल्ली नगर निगम के बकाया 13 हजार करोड़ रुपए लेने की मांग को लेकर पिछले 11 दिनों से मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन कर रहे तीनों महापौर जय प्रकाश, अनामिका और निर्मल जैन ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। महापौर के साथ नेता सदन योगेश वर्मा, नरेंद्र चावला, स्थायी समिति के अध्यक्ष राजदत्त गहलोत, छैल बिहारी सहित कुल 22 पार्षद भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। गुरुवार को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे इन निगम नेताओं को तिलक लगाकर उनको प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि निगम कर्मियों और दिल्ली वासियों के हक की लड़ाई को हम जरूर जीतेंगे। वहीं इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि पिछले 6 वर्षों से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है सिर्फ झूठे वादों और से ही चल रही है। आज दिल्लीवासी भी इस बात से भलीभांति अवगत है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल उन्हें सुविधाएं देने में असफल हुए हैं और अब निगम का फंड रोककर, निगम द्वारा मिल रही सुविधाओं से भी वंचित रखना चाहते हैं। दिल्ली भाजपा महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास के बाहर निगम नेताओं का धरना 11वें दिन भी जारी रहा।
धरना स्थल पर जारी है निगम कार्यालय
मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना स्थल से ही निगम कार्यालय चल रहा है। गुरुवार को निगम के बजट व अन्य से संबंधित कई फाइलों को अंतिम रूप दिया गया। नार्थ एमसीडी के महापौर जय प्रकाश ने बताया कि गुरुवार को 10 फाइलों का निपटान किया गया। वहीं साउथ एमसीडी की महापौर अनामिका ने कहा कि 15 फाइलों का निपटान किया गया और मध्य ज़ोन की अधिकारियों और जोन की अध्यक्षा पूनम भाटी के साथ बैठक की गई।
मेयरों के धरने पर बोला हाईकोर्ट- प्रदर्शन का अधिकार पर गलत उदाहरण पेश न करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सीएम के आवास के बाहर तीन नगर निगमों के महापौरों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में हस्तक्षेप करने और उस पर नजर बनाए रखने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि संविधान के तहत विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन आवासीय क्षेत्र में ऐसा करना गलत है। यह गलत मिसाल कायम करेगा।
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