शहर के चौमा स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में चल रहे लिंग जांच के गोरखधंधे का स्वास्थ्य विभाग ने खुलासा किया है। 50 हजार रुपए लेकर गर्भवती महिलाओं की कोख में पल रहे बच्चे का लिंग जांच करवाया जाता था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस मामले मामले में तीन लोगों को काबू कर पुलिस के हवाले किया। उनके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है।
उप सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि चौमा गांव स्थित वार क्लिनिक की झोलाझाप डॉक्टर पिंकी लिंग जांच कराने का काम करती है। शिकायत के आधार पर विभाग ने बोगस महिला को उससे संपर्क करने को कहा। संपर्क करने के बांद पिंकी ने उस महिला से लिंग जांच कराने के लिए 50 हजार रुपये मांगे।
पैसे देने के बाद पिंकी ने विभाग की ओर से भेजी गई बोगस गर्भवती महिला को अपने पति हरेराम के साथ सेक्टर-22 स्थित मंत्रा केयर डायग्नॉस्टिक सेंटर भेज दिया। वहां डॉ. अपर्णा ने उसकी जांच की और कोख में लड़की होना बताया।
टीम ने पहले चौमा गांव स्थित राव क्लिनिक पर रविवार को छापा मार कर वहां से पिंकी व उसके पति हरेराम को काबू किया और फिर सेक्टर-22 स्थित डायग्नॉस्टिक सेंटर से डॉ. अपर्णा को भी काबू करने में सफलता हासिल की। तीनों को पुलिस के हवाने कर दिया गया।
महिला से लिए गए 50 हजार रुपयों में से 16 हजार रुपये जांच करने वाली डॉ. अपर्णा ने टीम के सुपुर्द कर दिए, वहीं बचे 34 हजार रुपये पिंकी व उसके पति से बरामद किए गए। गांव चौमा स्थित एक निजी क्लिनिक में चल रहे लिंग जांच के धंधे का स्वास्थ्य विभाग ने पर्दाफाश किया है।
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